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लौह ततà¥à¤µ: अपने बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल करने से यह आगे चल कर उनके विकास में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है । इसलिठइस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में नियमित रूप से बà¥à¤°à¥‰à¤•ोली और पालक जैसी सबà¥à¥›à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करता हो ।
वसा: हो सकता है अब आपके बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¥‚ख उतनी अधिक न हो जितनी पहले हà¥à¤† करती थी। इसलिठà¤à¤²à¥‡ ही बचà¥à¤šà¥‡ की खà¥à¤°à¤¾à¤• कम हो, लेकिन उसे दैनिक आधार पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में वसा मिलना चाहिठ। इसके लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को मकà¥à¤–न के साथ नारियल या वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ फलों को दे सकती हैं जिससे उनमें वसा की उचित मातà¥à¤°à¤¾ बनी रहेगी ।
साबà¥à¤¤ अनाज: साबà¥à¤¤ अनाज के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने से लाठतà¥à¤°à¤‚त दिखाई नहीं देता है लेकिन समय के साथ इससे मिलने वाला लाठजाहिर होता है। यहाठतक कि अगर आप सफेद बà¥à¤°à¥‡à¤¡ की जगह साबà¥à¤¤ अनाज की बà¥à¤°à¥‡à¤¡ देंगी तो à¤à¥€ यह बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाने के लिठउपयोगी होगा ।
मांस: बढ़ती उमà¥à¤° के साथ, आपका बचà¥à¤šà¤¾ मांस खाने लगेगा और समय के साथ उसका पाचन तंतà¥à¤° à¤à¥€ मजबूत होने लगेगा। हालांकि अंडे के साथ, मांस की à¤à¤• नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ का सेवन, बचà¥à¤šà¥‡ की की पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ संबंधी आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को अचà¥à¤›à¥€ तरह से पूरा करता है।
फलियां: कà¥à¤› परिवार नियमित रूप से अपनी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में फलियों वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का उपयोग करते हैं, वहीं कà¥à¤› लोग कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° मेवों का सेवन à¤à¥€ करते हैं। यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को मेवों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो आप मटर के साथ-साथ अलसी का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
दà¥à¤—à¥à¤§ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦: बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास के लिठदूध अà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– मूलà¤à¥‚त ततà¥à¤µ है। यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ बचà¥à¤šà¥‡ कोमलाई वाले दूध देने की à¤à¥€ सलाह दी जाती है, पनीर, केफिर जैसे उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚: माता-पिता इस बात को लेकर परेशान हो सकते हैं कि लंबे समय तक सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विविधता कैसे बना कर रखी जाà¤à¥¤ लाद के साथ पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखते हà¥à¤, आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ की पोषण संबंधी आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को पूरा कर सकती हैं, इसमें विविधता लाने के लिठसबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मिला-जà¥à¤²à¤¾ नया वà¥à¤¯à¤‚जन तैयार कर सकती हैं ।
फल: अपने बचà¥à¤šà¥‡ के नाशà¥à¤¤à¥‡ में ताज़े फलों को शामिल करना बेहद जरà¥à¤°à¥€ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में आवशà¥à¤¯à¤• पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने का यह à¤à¤• बेहतरीन जरिया है के। साथ ही बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मेवे à¤à¥€ देने चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह उनके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होते है और वह इनà¥à¤¹à¥‡ खाना à¤à¥€ पसंद करते हैं ।
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